Skip to content Skip to navigation

स्मृति ईरानी की शिक्षा का रिकॉर्ड निजी नहीं, आवेदक को सूचना मुहैया कराएं : दिल्ली हाईकोर्ट

News Wing

New Delhi, 20 November : दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई से कहा कि आरटीआई आवेदक को सूचना नहीं दी है तो वह केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश पर स्थगन का लाभ लंबे समय तक नहीं उठा सकता. सीआईसी ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के दसवीं कक्षा और 12वीं कक्षा के रिकॉर्ड के निरीक्षण की अनुमति दी थी.

न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने आवेदक की याचिका पर यह फैसला दिया जिसने ईरानी के स्कूल रिकॉर्ड के बारे में जानकारी मांगी थी. आवेदक को अभी तक यह सूचित नहीं किया गया था कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सीआईसी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है या इस पर स्थगन लगाया गया है.

यह भी पढ़ें : थरूर द्वारा उपनाम का मजाक उड़ाए जाने से निराशा नहीं: मानुषी छिल्लर

मांगी गई सूचना ‘निजी’ नहीं

अदालत ने आरटीआई आवेदक मोहम्मद नौशादुद्दीन को नया नोटिस जारी किया. बोर्ड को निर्देश दिया कि सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें जानकारी मिले. ऐसा नहीं होने पर इस वर्ष 21 फरवरी को दिया गया अंतरिम आदेश खारिज हो जाएगा. अदालत ने सीबीएसई से कहा, ‘‘केवल स्थगनादेश पर कायम रहना पर्याप्त नहीं है.’’ मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 फरवरी तय की गई. सीबीएसई ने 17 जनवरी के सीआईसी के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि ईरानी के स्कूल रिकॉर्ड का खुलासा सूचना के अधिकार कानून के तहत नहीं हो सकता क्योंकि यह तीसरे पक्ष की सूचना है जो किसी जिम्मेदार पक्ष के हवाले है.

यह भी पढ़ें : त्रिपुरा, केरल में वाम के खिलाफ भाजपा की मदद कर रही कांग्रेस : वृंदा करात

सीआईसी ने 17 जनवरी के आदेश में आवेदक को ईरानी के स्कूल रिकॉर्ड की जांच की अनुमति दे दी थी और सीबीएसई के इस तर्क को खारिज कर दिया था कि मोहम्मद नौशादुद्दीन द्वारा मांगी गई सूचना ‘‘निजी’’ है. सीआईसी ने कहा था कि जब किसी जन प्रतिनिधि ने अपनी शैक्षणिक योग्यता की घोषणा की है तो उस घोषणा की जांच करने का अधिकार मतदाता के पास है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Lead
Share

Add new comment

loading...