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यूपी के मदरसों के पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी, एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई

News Wing

Lucknow, 30 October : उत्तर प्रदेश के मदरसों में दीनियत के इतर पाठ्यक्रम में समय के अनुरूप बदलाव करके उसे ‘सुव्यवस्थित’ किया जाएगा और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों से शिक्षा दिलायी जाएगी. राज्य मदरसा बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने आज ट्वीट किया कि मदरसों में अब एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी. इन इदारों में अब आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे, ताकि उनमें पढ़ने वाले बच्चे अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों से बराबरी कर सकें.

उप मुख्यमंत्री ने किया ट्विट

ट्वीट के मुताबिक आलिया (इंटरमीडियट) स्तर पर गणित और विज्ञान विषयों को अनिवार्य किया जाएगा. उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के पंजीयक राहुल गुप्ता ने इस संबंध में सवाल करने पर ‘भाषा’ को बताया कि पाठ्यक्रम की समीक्षा की बात चल रही है. हालांकि अभी यह शुरुआती चरण में है. मदरसा बोर्ड सभी कक्षाओं में नये पाठ्यक्रम लाने पर विचार कर रहा है. एनसीईआरटी की किताबों से शिक्षा दिलायी जाएगी.

उन्होंने बताया कि मौजूदा पाठ्यक्रम के दो भाग होते हैं. एक दीनी पाठ्यक्रम होता है, जो पहले की ही तरह रहेगा. बोर्ड पारम्परिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को बदलने की तैयारी कर रहा है. इसमें समय की मांग को लेकर पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया जाएगा. नये पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों को भी जोड़ा जाएगा.



टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया ने किया सरकार के फैसले का स्वागत

पाठ्यक्रम में तब्दीली की क्या जरूरत थी, इस सवाल पर गुप्ता ने कहा कि अभी तक मदरसों में पढ़ाये जाने वाले हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान इत्यादि के पाठ्यक्रम सुव्यवस्थित नहीं हैं. टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. संगठन के महामंत्री दीवान साहब जमां ने कहा कि सरकार अगर दीनी कोर्स को छोड़कर बाकी पाठ्यक्रम में वक्त के हिसाब से बदलाव करती है तो यह अच्छी बात है.

जमां ने कहा कि इस वक्त प्रदेश के मदरसों में हिन्दी, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के लिये माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है. अगर एनसीईआरटी की किताबों से अच्छे परिणाम मिलते हैं, तो यह अच्छी बात है. मदरसा बोर्ड के पंजीयक ने वेब पोर्टल पर अभी तक अपनी सूचनाएं नहीं डालने वाले मदरसों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर कहा कि अभी जिन मदरसों ने वेब पोर्टल पर सूचना डाली है, हम उन्हें डिजिटली लॉक साइन कर रहे हैं. उसके बाद ऐसे करीब 2500 मदरसों से जवाब तलब किया जाएगा, जिन्होंने निर्धारित अवधि यानी 15 अक्तूबर तक पोर्टल पर अपनी सूचनाएं नहीं डाली हैं.

प्रदेश के 19 हजार मान्यता प्राप्त मदरसे

उन्होंने कहा कि लॉक साइन करने में अभी 15 दिन और लगेंगे. मदरसों द्वारा बताये जाने वाले कारणों के आधार पर सरकार कार्रवाई करेगी. मालूम हो कि सरकार ने मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिये बोर्ड का एक वेब पोर्टल बनाया है. सभी मदरसों से कहा गया था कि वह इस पर अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों की संख्या तथा उनके वेतन एवं मदरसे के प्रबन्धन समेत कई चीजों के बारे में सूचना अपलोड करें. प्रदेश के 19 हजार मान्यता प्राप्त मदरसों में से करीब 2500 ने उक्त सूचना पोर्टल पर नहीं डाली है.

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