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जामताड़ा में दम तोड़ रहा मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना, लक्ष्य था 1237 का, अबतक पार हुआ सिर्फ 446 का आंकड़ा

News Wing Jamtara, 13 October: मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना जामताड़ा जिले में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. इस योजना का लाभ लोगों को ना के बराबर मिल रहा है. सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण आज इस योजना की पहचान मिटती नजर आ रही है. समाज कल्याण विभाग की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. वित्तीय वर्ष अब समाप्ति पर है, लेकिन विभाग दूर–दूर तक लक्ष्य के आस पास नहीं है. विभाग को 1237 लक्ष्य दिया गया था लेकिन अब तक विभाग ने 446 का आंकड़ा पार किया है.

 

 

लक्ष्मी लाडली योजना का प्रखंडवार आंकड़ा

प्रखंड का नाम    आवंटित लक्ष्य       स्वीकृत आवेदन        स्वीकृति हेतु प्राप्त आवेदन की संख्या

जामताड़ा           252                 94                       11

नारायणपुर          243                 71                      10

नाला                249                  97                     10

कुंडहित             147                 89                      10

फतेहपुर            177                  44                      00

करमाटांड          169                  51                      15

कुल                1237                446                     56

क्या कहते हैं पदाधिकारी

इस आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज कल्याण पदाधिकारी मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना को लेकर कितने गंभीर हैं. सवाल यह उठता है कि क्या सरकार ने इसी लिए इस योजना का शुभारंभ किया था. आखिर क्या वजह है कि पदाधिकारी इस योजना को नजर अंदाज कर रहें हैं. वहीं इस मामले पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी चित्रा यादव ने कहा कि समय पर आय और आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण आवेदन लंबित हैं. अगर समय पर आय और आवासीय बन जाता है तो लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा.

क्या है मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना 

गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों के लिए मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना योजना किसी वरदान से कम नहीं है. इस योजना के तहत बच्ची के जन्म से लेकर पांच वर्षो तक प्रति वर्ष 6000 रुपये की दर बच्ची के खाते में सरकार निवेश करेगी. एक निश्चित राशि से डाकघर में बच्ची के नाम से एकाउंट खोला जाएगा. बालिका जब छठी कक्षा में प्रवेश करेगी, उसे 2000 रुपये और नौवीं में प्रवेश करने पर 4000 रुपये का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा. इसी तरह 11वीं में पहुंचने पर 7500 रुपये मिलेंगे. इतना ही नहीं 11वीं और 12वीं कक्षा में इन बच्चियों को अन्य योजनाओं से प्राप्त होने वाली सुविधाओं के अलावा प्रतिमाह बतौर छात्रवृत्ति 200 रुपये दिए जाएंगे. बालिका की आयु 21 वर्ष होने और 12 वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो जाने पर उसे एकमुश्त एक लाख आठ हजार 600 रुपये दिए जाएंगे, बशर्ते कि उसकी शादी 18 वर्ष के बाद हुई हो.

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