Skip to content Skip to navigation

झारखंड में करनी है कोयले की ढुलायी, तो JIMM के पोर्टल पर अपलोड करें ट्रक के कागजात

NEWS WING

Ranchi, 11 October: झारखंड के विभिन्न कोलियरियों में कोयले से लदा ट्रक आपको कई दिनों तक कोलियरी में ही खड़ा दिख रहा होगा. ट्रक मालिकों की नींद उड़ी हुई है. उन्हें सूझ नहीं रहा है कि आखिर कौन सा रास्ता वो अपनाए. दरअल, सीसीएल या किसी भी माइनिंग करने वाली कंपनी पर झारखंड खनन विभाग ने अपना शिकंजा कसा है. प्रदेश में माइनिंग के अलावा ट्रक के पेपर बनाने में राजस्व बढ़ाने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है.

क्यों हो रही है ट्रक मालिकों को परेशानी

पहले सीसीएल या दूसरी माइनिंग करने वाली कंपनी को इस बात से कोई मतलब नहीं होता था कि उनका कोयला या फिर दूसरी मिनिरल की ढुलायी कौन कर रहा है. माइनिंग कंपनी का काम सिर्फ कोयले या फिर दूसरे मिनिरल के एवज में पेमेंट लेने का होता था. ट्रक मालिक ट्रक के अधूरे पेपर पर ही कोलियरी से कोयला लेकर निकल जाते थे. रास्ते में होने वाले चेकिंग को ट्रक मालिक आसानी से मैनेज कर लेते थे. लेकिन, अब ऐसा नहीं है. झारखंड खनन विभाग ने अब ऐसा कानून बनाया है जिससे हर ट्रक मालिक को JIMM के पोर्टल Jharkhandminerals.gov.in पर ऑनलाइन जाकर अपने ट्रक का हर पेपर अपलोड करना होगा. इस साइट पर जिन ट्रक मालिकों के पेपर अपलोड होंगे उन्हें ही कोलियरी से कोयले का चालान रसीद मिलेगा. जिस ट्रक की सारी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं होगी उन्हें किसी भी हाल में चालान नहीं मिल पाएगा, क्योंकि सारा मामला ऑनलाइन है. कोलियरी चाह कर भी ट्रक मालिकों की मदद नहीं कर पाएगा.

कोलियरी से लिंक नहीं हो पाया है माइनिंग का साइट, फायदा उठा रहे हैं ट्रांस्पोर्टर

झारखंड खनन विभाग ने हाल में ही अपना सॉफ्टवेयर डेवलप किया है. सभी कोलियरियों में यह सॉफ्टवेयर सही तरीके से लिंक नहीं हो पाया है. ट्रक में कोयला लोड होने के बाद कोलियरी से पेपर लेने के लिए तीन-चार दिनों तक ट्रक कोलियरी में ही खड़ा रहा. इसमें ऐसे भी ट्रक ऑनर की गाड़ी खड़ी थी जिसके पेपर अपडेट थे. कोलियरी मैनेजमेंट बार-बार सभी ऑनर को पेपर दुरुस्त होने के बाद ट्रक छोड़ने की बात कह रहा था. साइट लिंक नहीं होने से कोलियरी प्रबंधन ज्यादा सख्ती नहीं दिखा पाया और इसका फायदा ट्रक ऑनरों को खूब मिला. लेकिन, जब ये साइट कोलियरी से लिंक हो जाएंगे तो ट्रक ऑनर किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे.

कौन-कौन से पेपर अपडेट करना है ट्रक ऑनरों को

FITNESS

ROAD TAX

INSURANCE

NATIONAL PERMIT

JHARKHAND PERMIT (FOR 5 YEARS)

POLLUTION CERTIFICATE

REGISTRATION CERTIFICATE OF TRUCK

क्या कहा डीएमओ बोकारो गोपाल दास ने

“कोई भी ऐसा वाहन जो कोयला या दूसरे किसी मिनिरल्स की ढुलायी करता है. उसकी सारी जानकारी JIMM के पोर्टल Jharkhandminerals.gov.in पर अपलोड करना अनिवार्य है. अगर कोई वाहन मालिक ऐसा नहीं करता है और फर्जी तरीके से कोयले की ढुलायी करता है तो ये एक गैरकानूनी मामला होगा. प्रशासन उसके साथ सख्ती से निबटेगा.”  

Slide
City List: 
Share

Add new comment

NATIONAL

News Wing

Shilong, 23 October: चुनाव के मद्देनजर भाजपा कैसे...

News Wing

Gujrat, 23 October: पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल ने एक बड़ा दावा करते हुए बीज...

UTTAR PRADESH

News WingGajipur, 21 October : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने राष्ट्रीय स्...
News Wing Uttar Pradesh, 20 October: धनारी थानाक्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक इनामी बदमाश औ...
Website Designed Developed & Maintained by   © NEWSWING | Contact Us