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नोटबंदी, जीएसटी की वजह से भारत की वृद्धि दर कम: विश्वबैंक

News Wing

Washington, 11 October: नोटबंदी और जीएसटी को प्रमुख कारण बताते हुए विश्वबैंक ने 2017 में भारत की वृद्धि दर 7% रहने की बात कही है, जो 2015 में यह 8.6% थी. भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर बनी चिंताओं के बीच विश्वबैंक ने जीडीपी वृद्धि दर कम रहने का अनुमान जताया है. 

निजी निवेश के कम होने की संभावना



विश्वबैंक ने यह चेतावनी भी दी है कि अंदरुनी व्यवधानों से निजी निवेश के कम होने की संभावना है, जो देश की वृद्धि क्षमताओं को प्रभावित कर नीचे की ओर ले जाएगा.

चीन के लिए  6.8% की वृद्धि दर का अनुमान जताया



कल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी 2017 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.7% कर दिया था. यह उसके पूर्व के दो अनुमानों से 0.5% कम है. जबकि चीन के लिए उसने 6.8% की वृद्धि दर का अनुमान जताया है.

जीएसटी के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि की गति प्रभावित हुई



अपनी द्विवार्षिक दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस रपट में विश्वबैंक ने कहा है कि नोटबंदी से पैदा हुए व्यवधान और जीएसटी को लेकर बनी अनिश्चिताओं के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि की गति प्रभावित हुई है.

2018 तक यह वृद्धि दर बढ़कर 7.3% हो सकती है



परिणामस्वरुप भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2017 में 7% रहने का अनुमान है जो 2015 में 8.6% थी. सार्वजनिक व्यय और निजी निवेश के बीच संतुलन स्थापित करने वाली स्पष्ट नीतियों से 2018 तक यह वृद्धि दर बढ़कर 7.3% हो सकती है.

 

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