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नजीब मामले में हाइकोर्ट ने CBI को लगाई फटकार

News Wing

New Delhi, 16 October : जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के मामले में ‘‘दिलचस्पी के पूर्ण अभाव’’ और किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने को लेकर सीबीआई को आज दिल्ली उच्च न्यायालय ने डांट लगायी. गौरतलब है कि मामले की जांच पांच महीने पहले सीबीआई को सौंपी गयी थी.

एम. एससी बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब (27) जेएनयू के माही-मांडवी छात्रावास से 15 अक्तूबर, 2016 को लापता हो गया था. घटना से एक रात पहले नजीब की संघ परिवार से जुड़े छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के छात्रों के साथ झड़प हुई थी.

सीबीआई द्वारा दी गयी जानकारी में विरोधाभास

न्यायमूर्ति जी. एस. सिस्तानी और न्यायमूर्ति चन्द्रशेखर की पीठ ने दलीलों के दौरान कहा कि सीबीआई द्वारा मौखिक रूप से दी गयी जानकारी और सौंपी गयी स्थिति रिपोर्ट में विरोधाभास से वह ‘‘बहुत नाखुश’’ है.

यह विरोधाभास मामले में संदिग्ध छात्रों के फोन कॉल और संदेश के विश्लेषण के आधार पर सीबीआई द्वारा दी गयी स्थिति रिपोर्ट में है. जब अदालत को बताया गया कि स्थिति रिपोर्ट सीबीआई के निरीक्षक द्वारा तैयार की गयी थी, पीठ ने कहा कि जांच की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपने वाले 16 मई के उसके आदेश के अनुसार, न्यूनतम डीआईजी रैंक के अधिकारी को जांच की निगरानी करनी थी.

सीबीआई की दिलचस्पी का अभाव

अदालत ने कहा, ‘‘यह कैसी निगरानी है? अगर यह डीआईजी की निगरानी है तो बिना निगरानी के क्या होगा? उन्हें शायद (कार्यालय में) रिपोर्ट पढ़ने का भी वक्त नहीं मिला. उन्हें यहां आकर, इसे पढ़ने दें.’’ पीठ ने कहा कि सीबीआई की ‘‘स्थिति रिपोर्ट में कुछ नहीं है. दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में काफी कुछ था. हमारा कहना है कि इसमें सीबीआई की दिलचस्पी का पूर्ण अभाव रहा है. दोनों ओर से कोई परिणाम नहीं है. कागज पर भी कोई परिणाम नहीं है.’’ पीठ ने कहा कि सीबीआई अपने कामकाज के कारण ही ऐसी बातें सुन रही है. पीठ ने जांच एजेंसी से कहा है कि वह नजीब के लापता होने के संबंध में नौ संदिग्ध छात्रों के कॉल डेटा विश्लेषण के जरिये क्या पता चला है इसकी रिपोर्ट उसे सौंपे.

नजीब की मां फातिमा की गुहार

सीबीआई ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि संदिग्धों के फोन कॉल और संदेशों का विश्लेषण किया जा रहा है जबकि अपनी मौखिक दलील में कहा था कि सभी रिकार्ड का विश्लेषण पूरा हो चुका है. जांच एजेंसी की बातों में इसी विरोधाभास को लेकर अदालत बहुत नाराज है. अदालत ने इसपर नाराज होते हुए पूछा, ‘‘फिर आपने बताया क्यों नहीं कि विश्लेषण में क्या मिला है.’’ पीठ ने सीबीआई को चेताया कि वह एजेंसी के डीआईजी को अदालत में पेश होने को कहेगी.



अदालत लापता छात्र नजीब की मां फातिमा नफीस की याचिका पर सुनवायी कर रही थी. फातिमा ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह जेएनयू के माही-मांडवी छात्रावास से 15 अक्तूबर, 2016 को लापता बेटे का पता लगाने के लिए आदेश जारी करे.

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