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जीडीपी को बढ़ाने के लिए उत्सर्जन में की जा रही है कमी : भारत

News Wing

UNO, 10 October: भारत ने आज संयुक्त राष्ट्र में कहा कि वह जीडीपी को बढ़ाने के साथ ही काफी हद तक उत्सर्जन में कमी कर रहा है, गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा स्रोतों का दोहन किया जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कार्बन सिंक का निर्माण किया जा रहा है.

जलवायु परिवर्तन सतत विकास का महत्वपूर्ण मुद्दा

महासभा की दूसरी समिति में सतत विकास पर चर्चा में भाग लेते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव आशीष सिन्हा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सतत विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि जन स्वास्थ्य, खाद्य और जल सुरक्षा, प्रवास और शांति तथा सुरक्षा पर इसके प्रभाव पड़ते है.

जीडीपी बढ़ाने से उत्सर्जन में कमी

उन्होंने कहा कि भारत की जलवायु कार्य योजनाएं जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में हमारे योगदान को पूरी मजबूती के साथ प्रदर्शित करती है. उन्होंने कहा कि जीडीपी बढाने के साथ ही हम बहुत हद तक उत्सर्जन में कमी ला रहे है. गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा स्रोतों का दोहन कर रहे है और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कार्बन सिंक का निर्माण कर रहे है. उन्होंने कहा कि भारत जलवायु कार्यवाही पर फिर से ध्यान केन्द्रित करने के लिए महासचिव की पहल का स्वागत करता है.

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