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पांच लाख का इनामी डॉन अखिलेश सिंह गुड़गांव से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

NEWS WING

Ranchi, 11 October : झारखंड के अपराधजगत का डॉन अखिलेश सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी हरियाणा के गुड़गांव से हुई है. सरकार ने उस पर पांच लाख रुपये इनाम की घोषणा कर रखी थी. गिरफ्तारी से पहले पुलिस की अखिलेश सिंह के साथ मुठभेड़ भी हुई. जिसमें पुलिस की गोली अखिलेश सिंह के पैर में लगी है. उसे घायलावस्था में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक अाधिकारिक सूत्र ने इसकी पुष्टि कर दी है. जानकारी के मुताबिक अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी को लेकर जमशेदपुर पुलिस की एक टीम कई दिनों से दिल्ली और गुजरात में डेरा डाले हुई थी. पुलिस को सूचना थी कि अखिलेश सिंह दिल्ली के अासपास ही छुप कर रह रहा है. पुलिस को जब पता चला कि वह गुड़गांव में एक फ्लैट में रह रहा है, तब पुलिस ने मंगलवार की देर रात गुड़गांव पुलिस के सहयोग से वहां पर छापामारी की. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उसके साथ और कौन-कौन अपराधकर्मी गिरफ्तार हुअा है अौर कितने हथियार बरामद हुए हैं.

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इन बड़ी घटनाअों को अंजाम दिया है अखिलेश व उसके गैंग ने

- 2 नवंबर 2007- साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या

- 15 मार्च 2008 - साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग

- 20 मार्च 2008- साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग

- 16 मई 2008 - साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग

- 25 जुलाई- बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्‌टू झा के कार्यालय पर गोली चली

- 17 अगस्त 2008- बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग

- 28 अगस्त 2008- साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग

- 17 सितंबर 2008- एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग

- 4 अक्टूबर 2008-बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या

- 2008- बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या


 

जेलर की हत्या के बाद अाया था चर्चा में

अखिलेश सिंह का नाम जमशेदपुर में एक जेलर की हत्या के बाद चर्चा में अाया था. तब अखिलेश सिंह ने उस वक्त जेलर की हत्या कर दी थी, जिस दिन जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में भारत-वेस्ट इंडीज का मैच चल रहा था. इस घटना के बाद उसने जमशेदपुर में कई बड़ी घटनाअों को अंजाम दिया. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. कई सालों तक जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटा. फिर फरार हो गया था.

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उपेंद्र सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने की थी अखिलेश के घर की कुर्की

डॉन अखिलेश सिंह की तालाश वैसे तो पुलिस को कई बड़े अापराधिक मामलों में थी. लेकिन इस साल के शुरुअात में जमशेदपुर सिविल कोर्ट परिसरा में हुई ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने अखिलेश सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी शुरु कर दी थी. पुलिस ने इस घटना के बाद उसके घर की कुर्की-जब्ती की थी. इसके अलावा पुलिस ने उसके गैंग के कई अपराधकर्मियों को गिरफ्तार भी किया था.

पिछले माह चली थी अखिलेश के पिता चंद्रगुप्त सिंह पर गोली

पिछले माह अखिलेश सिंह के पिता चंद्रगुप्त सिंह के उपर दो अपराधियों ने फायरिंग की थी. फायरिंग की घटना तब हुई थी, जब वह अपने घर के बाहर कुछ लोगों के साथ बैठे थे. फायरिंग में चंद्रगुप्त सिंह के करीबी को गोली लगी थी. चंद्रगुप्त सिंह झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. रिटायर होने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हैं.

अप्रैल में गिरफ्तार हुअा था विक्रम शर्मा

गैंगस्टर अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु विक्रम शर्मा दस साल के बाद पुलिस ने  देहरादून से गिरफ्तार किया था.  विक्रम शर्मा वेश और पहचान बदलकर उत्तराखंड के देहरादून में रह रहा था. 15 अप्रैल को जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून में उसके किराये के फ्लैट से गिरफ्तार किया था. अपराध जगत में विक्रम के बारे में कहा जाता है कि वही अखिलेश सिंह की ताकत है. विक्रम ही अखिलेश सिंह के लिए सभी प्लान तैयार करता था. जिसे अखिलेश व उसके गैंग के लोग पूरा करते थे. जेलर हत्याकांड के बाद विक्रम अपने शिष्य को डॉन के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता था. उसने शहर में दहशत फैलाने के लिए बड़े कारोबारियों को निशाने पर लिया. दो नवंबर 2007 को साकची आमबागान के पास श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड में अखिलेश के साथ उसके आपराधिक गुरु का नाम भी आया. 

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