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भ्रामक विज्ञापनों की जद में उपभोक्ता, ASCI में बढ़ रहे फर्जी ad के मामले

- एएससीआई ने जुलाई में भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ 116 शिकायतों को सही ठहराया

News Wing

New Delhi, 17 October : विज्ञापन क्षेत्र पर नजर रखने वाली संस्था भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने जुलाई के दौरान भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ प्राप्त 116 शिकायतों को सही ठहराया है. इनमें आईटीसी, गोदरेज कंज्यूमर, हिन्दुस्तान यूनिलीवर और एयरटेल सहित कई प्रमुख कंपनियों के विज्ञापनों के खिलाफ प्राप्त शिकायतें भी शामिल हैं.

भारतीय विज्ञापन मानक परिषद में बढ़ रहे मामले

जुलाई माह में एएससीआई को कुल मिलाकर 165 शिकायतें प्राप्त हुईं. स्वास्थ्य वर्ग में एएससीआई ने 51 शिकायतों को सही ठहराया. शिक्षा के क्षेत्र में मिली शिकायतों में से 31 को सही ठहराया जबकि 10 को व्यक्तिगत देखभाल वर्ग में सही माना. इसके बाद खाद्य और पेय पदार्थों की श्रेणी में पांच शिकायतों को सही माना गया है जबकि अन्य श्रेणियों के विज्ञापनों के खिलाफ प्राप्त 19 शिकायतों को सही ठहराया है.

बड़ी कंपनियों पर भी आरोप

एयरटेल के एक विज्ञापन में एएससीआई के सावधानी बरतने संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन बताया गया है. इसमें परिषद ने कहा है कि भारती एयरटेल के विज्ञापन में सावधानी बरतने संबंधी बातों को बहुत छोटे अक्षरों में छापा गया है जो कि पढ़ने लायक नहीं है.



आईटीसी की भी उसके एक विज्ञापन के लिये खिंचाई की गई है. आईटीसी के उस विज्ञापन जिसमें कहा गया है कि ‘‘क्लासमेट की नोटबुक पर लिखोगे तो टीचर सफाई के दो एक्सट्रा अंक देंगे.’’ एएससीआई का कहना है कि यह विज्ञापन भ्रामक है. सफाई का कागज पर लिखाई से कोई नाता नहीं है और कोई भी सामान्य नोटबुक के कागज पर भी अच्छी लिखाई लिख सकता है.

कई उपभोक्ता वस्तुएं इनमें शामिल

इसी प्रकार गोदरेज कंजूमर उत्पादों के विज्ञापन के मामले में भी एएससीआई ने कहा है कि कंपनी ने अपने उत्पादों में ‘‘भारत का सबसे बेहतर बिजली बचाने वाला हरित इनवर्टर एसी’’ होने का दावा किया है जो कि गलत और अस्पष्ट होने के साथ भ्रामक लगता है. हिन्दुस्तान यूनिलीवर को उसके क्लीनिक प्लस के विज्ञापन को लेकर खिंचाई की गई है. ईमामी के नवरत्न बादाम तेल के खिलाफ मिली शिकायत को भी जायज ठहराया गया है.

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