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जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री की बैठक में सीबीआई का आरोपी हल्का कर्मचारी (देखें वीडियो)

News Wing

Ranchi, 24 October: राज्य के मुख्यमंत्री कई मौको पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं. भ्रष्टाचार को राज्य से किसी भी कीमत पर खत्म करने का दावा भी करते हैं. साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारी और अधिकारियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए लोगों से अपील भी करते हैं. लेकिन, क्या ये बातें सिर्फ भाषणों के लिए होती हैं. क्योंकि, हकीकत तो कुछ और ही बयां कर रही है. सीएम की बैठक में जब भ्रष्टाचार का गंभीर आरोपी शामिल होगा, तो ऐसे सवाल उठने लाजमी हैं. मुख्यमंत्री ने 23  अक्टूबर को आरआरडीए यानि रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार की समीक्षा बैठक बुलायी. इस बैठक में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, आरआरडीए के अध्यक्ष परमा सिंह, विभागीय सचिव के अलावा एक ऐसा व्यक्ति शशि भूषण सिंह भी शामिल था, जिसपर एक नहीं दो नहीं बल्कि दर्जन भर से अधिक मामले चल रहे हैं. आरआरडीए के अध्यक्ष परमा सिंह ने जिस शशिभूषण सिंह को अपना पीए नियुक्त किया है, वो भ्रष्टाचार के आरोपी हैं.

कौन है शशि भूषण सिंह? और क्या है उसपर आरोप

शशि भूषण सिंह भू-राजस्व विभाग का हल्का कर्मचारी है. संजीवनी बिल्डकॉन की गड़बड़ी में इसकी अहम भूमिका थी. यही वजह है कि सीबीआई ने शशि भूषण सिंह पर दो मामले दर्ज किये है. संजीवनी बिल्डकॉन ने झारखंड में बड़े पैमाने पर जमीन घोटाला किया था, और कम दर पर फ्लैट दिलवाने के सुनहरे सपने दिखाकर सैकड़ों लोगों के लाखों रूपए लेकर फरार हो गया था. इसी मामले में शशि भूषण सिंह पर सीबीआइ जांच चल रही है. यही नहीं शशिभूषण सिंह पर आय से अधिक संपति का भी आरोप है. इस मामले में उसपर दो मामले एंटी करप्सन ब्यूरो में भी चल रहे हैं. शशि भूषण सिंह जब हल्का कर्मचारी के रूप में रांची में पदस्थापित थे तो एक मामले में सस्पेंड भी हुए थे. शशि भूषण सिंह एक बार बिना सरकारी अनुमति लिए विदेश का दौरा भी कर चुके हैं. इसको लेकर भी विभागीय कार्रवाई हुई थी.

आरआरडीए अध्यक्ष के पीए पद भी गलत नियुक्ति हुई

आरआरडीए अध्यक्ष परमा सिंह के निजी सचिव के रूप में शशि भूषण सिंह की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है. निजी सचिव के रूप में शशि भूषण सिंह की नियुक्ति यह कहकर हुई थी, कि इनकी सेवा भू-राजस्व विभाग से कार्मिक विभाग को कर दी जायेगी. लेकिन अभी तक शशि भूषण सिंह की सेवा एक साजिश के तहत कार्मिक को नहीं भेजी गयी है.

 

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