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राजधानी की 21 ट्रैफिक सिग्नल लाइट में से 11 पड़े हैं खराब, सीटी और डंडे से ट्रैफिक को हांक रहे जवान

72 टाइमर में से सिर्फ 30 बता रहे टाइम, मेंटेनेंस कंपनी को नहीं हो रहा भुगतान इसलिए चरमराई है व्यवस्था

Md. Asghar Khan

News Wing, 21 October: राजधानी रांची में ट्रैफिक व्यवस्था की हालत चरमराई हुई है. यातायात व्यवस्था खराब होने का मुख्य कारण शहर के वो ट्रैफिक सिग्नल्स हैं, जो आये दिन खराब रहते हैं. इन खराब पड़े ट्रैफिक सिग्नल के लाइटों को देखकर राजधानी वासी यही कहते हैं कि महज खानापूर्ति के लिए यह लाइट लगाये गये हैं. लाइटयुक्त खंबे के बावजूद हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के जवान को सीटी बजाकर या डंडा चालकर ही यातायात को हांकना पड़ता है. न्यूज़ विंग ने इस बाबत शहर का सर्वे किया तो 11 जगहों पर सिग्नल लाइट बंद या खराब मिले. दस लाख आबादी वाले शहर में 21 ट्रैफिक सिग्नल लाइट ही हैं, जिसमें से अधिकांश खराब हैं. इसपर किसी का कोई ध्यान नहीं है. उधर ट्रैफिक सिग्नल्स की देखभाल करने वाली कंपनी रांची नगर निगम पर मेनेटेंस के लिए एग्रीमेंट हुई राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर आयुक्त कंपनी के द्वारा किए गए कार्यों से संतुष्ठ नहीं हैं. संतुष्टी के लिए जांच कर ही राशि देने की बात कह रहे हैं. इसका नतीजा आम जनता को घंटों जाम में फंसकर खामियाजा भुगतना पड़ता है. सिग्नल लाइट के बावूजद पुलिस को सड़क पर उतर कर अव्यवस्थित यातायात को कंट्रोल करना पड़ता है. जिससे हमेशा दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है.

21 में 11 सिग्नल ठप मिले

न्यूज विंग ने शहर में लगे सिग्नल लाइट की पड़ताल की तो 21 में से 11 खराब मिले. रेडियम चौक, सुजाता चौक, रतन टॉकिज चौक, किशोरगंज हरमू चौक, कांटाटोली चौक, सर्जना चौक, लालपुर चौक, बिरसा चौक, कचहरी चौक, सिरम टोली चौक शामिल है. इनमें कांटाटोली चौक, सर्जना चौक, लालपुर  चौक, किशोरगंज चौक एवं सिरमटोली में पिछले छह महीनों से लाइट बंद पड़ा हुआ है.

72 में 30 ही बता पाते हैं टाइम

हर ट्रैफिक पोस्ट पर दो पोल लगे होते हैं. इसे प्राइमरी और सेकेंडरी कहा जाता है, जिसपर 73 रेड, 73 येल्लो और 73 ग्रीन लाइट होते हैं. इसमें अधिकतर काम नहीं कर रहा है, जबकि 72 टाइमर में मात्र 25-30 ही टाइमर टाइम बता पाते हैं.

 शहर में 25 और ट्रैफिक सिग्नल की है जरुरतः मेंटेनेंस कंपनी

इसी वर्ष के जून में शहर की ट्रैफिक सिग्नल लाइट मेंनेटेंस का कार्य रांची नगर निगम ने वियाली इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिमेट को टेंडर के माध्यम से दिया था. इस कंपनी को एक वर्ष तक सभी सिग्नल लाइट को सुचारु ढंग से चलाना था. इसके लिए निगम को एग्रीमेंट के तहत प्रति माह कंपनी को 90000 रुपये देना था. कंपनी की मानें तो आज तक एक रुपया भी निगम के द्वारा नहीं दिया गया है. कंपनी के निदेशक आशुतोष कुमार सिन्हा ने कहा कि नगर निगम आयुक्त को पहले दो माह का बिल भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है. राशि भुगतान नहीं होने कारण सिग्नल लाइट के मेंनेटेंस में काफी समास्या आ रही है.

32 लाख के उपकरण लगेंगे, तभी सही से चल पायेंगे सिग्नल

वियाली इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आशुतोष ने बताया कि शहर की ट्रैफिक सिग्नल लाइट खामियों से भरी पड़ी है. इसके ज्यादातर उपकरण रिपेयर या मेंटेनेंस के योग्य नहीं हैं. ये पूरी तरह से खराब है. उन्होंने कहा कि जून में टेंडर मिलते ही कंपनी ने आयुक्त के आदेशानुसार सभी सिग्नल लाइट का निरीक्षण किया गया है. जांच में टाइमर, लाइट, पैनल कंट्रोल, पावर सप्लाइ, वायर आदि को बदलने को योग्य पाया गया. इसके लिए कंपनी ने निगम के सहायक इंजीनियर के साथ मिलकर 32 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया, जिसे 12 जून 2017 को नगर आयुक्त से स्वीकृति के लिए भेजा गया है. आशुतोष ने बताया कि अभी तक निगम के द्वारा स्वीकृति नहीं मिल पाई है. इसे बदले बिना शहर की ट्रैफिक सिग्नल को सुचारु ढंग से चला पाना मुश्किल है. उन्होंने अपर्याप्त सिग्नल लाइट की बात भी कही है. कहा कि लगभग 25 और सिग्नल लाइट चाहिए..

इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुधर जायेगी ट्रैफिक समस्याः ट्रैफिक एसपी

रांची ट्रैफिक एसपी संजय रंजन भी शहर की यातायात व्यवस्था को एक समस्या मानते हैं. उन्होंने कहा कि सिग्नल लाइट खराब रहने के कारण यातायात व्यवस्था को संभालने में मुश्किल होती है. निरंतर शिकायत आती रहती है. लाइट बंद या खराब रहने के कारण पुलिस को बीच सड़क पर उतर कर यातायात को कंट्रोल करना पड़ता है. संजय रंजन ने बताया कि ट्रैफिक समास्या को इंट्रीग्रेटड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से पूरी तरह से सुधार कर लिया जायेगा. इसे लेकर काम चल रहा है. जनवरी तक यह सिस्टम शुरु हो जायेगा. इसके तहत तीन तरह के सीसीटीवी कैमरे हर सिग्नल पर लगाए जायेंगे, जिसका काम ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन के नंबर को रीड करना होगा.

मेनेटेंस के काम से संतुष्ट होंगे, तब ही भुगतान होगाः नगर आयुक्त

रांची नगर निगम के नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरी यातायात सिग्नल लाइट के संदर्भ में कहते हैं कि इसका मेंनेटेंस कार्य वियाली इंफ्राटेक कंपनी को दिया गया है. सिग्नल लाइट को लेकर जो गड़बड़ियां मिल रही उसकी जांच के लिए सीटी एसपी को कहा गया है. कंपनी को मेंटेनेंस कार्य के बदले भुगतान नहीं किए जाने के प्रश्न पर आयुक्त ने कहा कि पहले इनके द्वारा किये गये मरम्मत कार्य से संतुष्ट होंगे, तभी भुगतान किया जायेगा. 

 

 

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