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भारत में हैं 2,19,000 अरबपति, एशिया-प्रशांत में अमीरों की संख्या मामले में चौथे स्थान पर

NEWS WING

New Delhi, 07 November : एशिया प्रशांत क्षेत्र में धनाढ़्यों की सर्वाधिक संख्या के मामले में भारत चौथे स्थान पर है. यहां 2,19,000 के साथ अरबपतियों की चौथी सबसे बड़ी आबादी प्रवास करती है जिनकी कुल संपत्ति 877 अरब डालर है. कैपजैमिनी द्वारा जारी एशिया-प्रशांत वेल्थ रिपोर्ट (एपीडब्ल्यूआर), 2017 के अनुसार भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में अति धनाढ़्यों की संख्या के मामले में चौथे स्थान पर है. इस क्रम में एशिया प्रशांत क्षेत्र में उसकी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत है.

उच्च धनाढ़्य व्यक्तियों की सूची में उन लोगों को रखा जाता है जिनके पास 10 लाख डालर या उससे अधिक की निवेश योग्य संपत्ति है. इसमें निवास स्थान, उपभोग योग्य सामान तथा टिकाऊ उपभोक्ता सामान शामिल नहीं है.

28,91,000 अरबपति जापान में

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 के अंत में 28,91,000 अरबपति जापान में थे. वहीं चीन 11,29,000 के साथ दूसरे तथा आस्ट्रेलिया 2,55,000 के साथ तीसरे स्थान पर है. वर्ष 2015-16 के दौरान देश में अति धनाढ़्यों की आबादी 9.5 प्रतिशत बढ़ी. यह एशिया प्रशांत क्षेत्र (एपीएसी) में 7.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के औसत से अधिक है.



रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवधि में चीन और जापान में क्रमश: 9.1 प्रतिशत तथा 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई. धनाढ़्यों की संपत्ति देखी जाए तो भारत में इसमें 2015-16 में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो औसत सालाना वृद्धि 8.2 प्रतिशत से अधिक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 और 2018 में जीडीपी अनुमान में सुधार के साथ इस मामले में और अच्छी खबरें आ सकती हैं.



इसमें कहा गया है कि सुधारवादी छवि वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण निवेशकों की धारणा मजबूत बनी हुई. हालांकि वे सतर्क भी हैं. एशिया पैसेफिक वेल्थ रिपोर्ट में एशिया प्रशांत क्षेत्र में अति धनाढ़्यों, उनकी संपत्ति और वैश्विक तथा आर्थिक स्थिति पर नजर रखी जाती है जो संपत्ति प्रबंधन उद्योग में बदलाव लाता है.

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