गुरूजी पर एक बार फिर ‘शशिनाथ झा’ का भूत
दिल्ली/रांची: गुरूजी पर फिर से शशिनाथ झा के भूत का खतरा मंडराने लगा है। तीन साल पहले हाई कोर्ट ने उन्हेंशशिनाथ झा मर्डर केस में रिहा कर दिया था। सीबीआई भी इस मामले से ऊब चुकी थी। लेकिन, शशिनाथ के परिजन कहां माननेवाले थे। उन्होंने शिबू की रिहाई वाले हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दे दी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का मौका दे दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को अपने निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या के मामले में दोषमुक्त करार दिए जाने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका सोमवार को स्वीकार कर ली।
सीबीआई ने इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को दोषमुक्त करार दिए जाने को चुनौती नहीं देने का फैसला किया था। सोरेन को एक निचली अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी थी। लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया था।
झा की मां प्रियंबदा देवी ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील की थी। लेकिन सीबीआई ने सिर्फ चार लोगों को दोषमुक्त करार दिए जाने के फैसले को ही चुनौती दी थी जबकि मामले में पांच लोगों को दोषमुक्त करार दिया गया था।
झा की मां के वकील क़े सुनील ने कहा कि हमने सभी पांच लोगों की रिहाई के खिलाफ अपील की है लेकिन सीबीआई ने सोरेन की रिहाई को चुनौती नहीं दी है। न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति ए के पटनायक की पीठ ने प्रियंवदा देवी और सीबीआई की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।
उच्च न्यायालय ने 22 अगस्त 2007 को झा की हत्या से संबंधित मामले में सोरेन को रिहा कर दिया था।
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