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70 वर्षीय दिव्यांग गुल्लक में 10 हजार के सिक्के लेकर पर्चा भरने पहुंचे, गिनने में निकला समय, अब चुनाव आयोग जायेंगे

Jamshedpur : जुगसलाई के रहने रहनेवाले दिव्यांग रामचंद्र गुप्ता (70) सोमवार को पश्चिमी जमशेदपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरने डीसी कार्यालय पहुंचे थे, पर भर नहीं सके.

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इसकी एक वजह तो है कि दिव्यांगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी, पर दूसरी वजह थोड़ी दिलचस्प है.

दरअसल, गुप्ता जमानत राशि के तौर पर जमा करने के लिए अपने साथ 10 हजार रुपये के सिक्कों से भरा गुल्लक ले गये थे. रुपये गिनने में समय निकल गया औ गुप्ता नामांकन नहीं भर सके.

उस वक्त तो वे घर लौट गये लेकिन सोमवार सुबह डीसी कार्यालय के सामने आकर धरने पर बैठ गये. शाम सात बजे तक कोई सुनवाई नहीं होने पर वे घर लौट गये.

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उन्होंने बताया कि वे बुधवार को चुनाव आयोग, दिल्ली तक जायेंगे और मांग करेंगे कि चुनाव रद्द किया जाये या उन्हें नामांकन का मौका दिया जाये.

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भीड़ के चलते प्रवेश करने में देरी हुई

रामचंद्र ने बताया कि वे नामांकन के आखिरी दिन 12 समर्थक लेकर डीसी कार्यालय नामांकन के लिए पहुंचे थे. लेकिन दिव्यांगों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं थी.

उन्होंने फॉर्म दिखाते हुए कहा कि सोमवार को भारी भीड़ के चलते उन्हें समय रहते प्रवेश नहीं मिल सका. बड़ी जद्दोजहद के बाद उन्हें तीन बजे प्रवेश दिया गया, जहां नामांकन के लिए 10 हजार रुपये जमा करने को कहा गया.

गुप्ता ने सिक्कों से भरा गुल्लक बढ़ाया तो उनको इसे गिनकर देने के लिए कहा गया. उन्होंने दावा किया कि वे घर से ही गिनकर चले हैं. पर अधिकारी नहीं माने दोबारा सिक्के गिनने में वक्त निकल गया और रामचंद्र पर्चा नहीं भर सके.

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पैसे बचाने के लिए नहीं करते थे नाश्ता, पांच साल तक जमा किया

रामचंद्र गुप्ता ने बताया कि वे चुनाव लड़ने के लिए बीते पांच साल से पैसे गुल्लक में जमा कर रहे थे. पैसे जमा करने के लिए सुबह का नाश्ता करने के बजाय रोज 5 रुपया गुल्लक में जमा करते थे.

उनका ये भी कहना है कि वे खुद के लिए नहीं बल्कि दिव्यांगों, बुजूर्गों और बेसहारों के लिए कुछ करना चाहते हैं लेकिन उनका चुनाव लड़ने का सपना कुव्यवस्था की भेंट चढ़ गया.

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