सीबीएसई समेत 23 बोर्ड ने खत्म की मॉडरेशन पॉलिसी, कठिन सवाल पर नहीं मिलेंगे ग्रेस मार्क्स

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/09/2018 - 11:36

NewDelhi: सीबीएसई समेत देश के 23 बोर्डों ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में मॉडरेशन नीति लागू नहीं करने का निर्णय लिया है. इसके तहत छात्रों को मुश्किल सवालों के लिए ग्रेस अंक दिए जाते रहे हैं. ऐसे में बोर्ड रिजल्ट में 90 से 100 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की संख्या घट सकती है. दरअसल, मॉडरेशन पॉलिसी की वजह से छात्रों को लगभग 8 से 10 अंक तक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस तरह का फैसला लिया गया.

इसे भी पढ़ेंः अफगानिस्तान में 7 भारतीय मजदूर अगवा, 4 झारखंड के रहनेवाले

इधर मॉडरेशन पॉलिसी खत्म होने से छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों को चिंता हो रही है. खासतौर पर 12 वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को. अभिभावकों का कहना है कि अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए इतनी होड़ है, और किसी भी विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए चालू वर्ष के साथ कई सालों में पास हुए विद्यार्थी आवेदन करते हैं. ऐसे में उनके बच्चों के दाखिले की संभावनाएं कम हो जाएंगी.

पैरेंट्स की बढ़ी चिंता

मॉडरेशन पॉलिसी खत्म होने से अभिभावकों को अपने बच्चे के भविष्य, उसकी बेहतर शिक्षा की चिंता सता रही है. पैरेंट्स का कहना है कि उनके बच्चों की प्रतिस्पर्धा उन बच्चों से भी होगी, जो पिछले साल तक इस नीति का लाभ उठा चुके है. अच्छे कॉलेज में दाखिले के लिए जहां एक-एक नबंर की मारामारी होती है, वहां 8-10 नबंर का अंतर बड़ी बात है. इतना ही नहीं दाखिले के अलावे, नौकरी के लिए एकेडमिक रिकॉर्ड देखे जाते हैं, जहां मॉडरेशन नीति खत्म होने से उनके बच्चों को नुकसान होगा.

 क्या है मॉडरेशन पॉलिसी 
इस पॉलिसी के तहत जब बारहवीं में पेपर कठिन आता है तो स्टूडेंट्स आपत्ति जताते हैं, और उन्हें ऐसे सवालों के पूरे अंक दिए जाते हैं. यह फुल मार्क्स उन स्टूडेंट्स को दिए जाते हैं, जिन्होंने कॉपी में सवाल को थोड़ा भी हल करने की कोशिश की थी. पेपर में प्रश्न गलत आने पर भी मॉडरेशन पॉलिसी को फॉलो किया जाता है. इसके तहत उस सवाल के पूरे अंक दिए जाते हैं.  लेकिन इस नीति के तहत वे छात्र घाटे में रहते थे जिन्हें कठिन प्रश्न आता था और उन्होंने उसे हल भी किया.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

na