2000 व 200 के नोट कट-फट गए तो न बैंकों में जमा होंगे और न बदले जाएंगे, RBI ने नोट रिफंड रूल में नहीं किया है संशोधन

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 05/14/2018 - 19:47

New Delhi :  जिस तरह देशवासियों को नोटबंदी के समय झटका लगा था, एक खबर से वाकिफ होने के बाद एक बार फिर से उससे मिलता जुलता झटका फिर लग सकता है. अगर आपके पास मौजूद 200 और 2,000 रुपये के नोट कट-फट गए हैं या फिर गंदे हो गए हैं तो, तो ये खबर आपको परेशान कर सकती है कि वैसे नोट ना तो किसी बैंक में जमा किये जा सकेंगे, और न बैंकों में उन्हें बदला जा सकेगा. क्योंकि आरबीआई के करेंसी नोटों के एक्सचेंज से जुड़े नियमों के दायरे में इन नए नोटों को अब तक रखा ही नहीं गया है. खबर के मुताबिक, कटे-फटे और गंदे नोटों को बदलना आरबीआई अधिनियम की धारा 28 के आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स के तहत आता है. इस अधिनियम में 5, 10, 50, 100, 500 और 1,000 एवं 5,000 तथा 10,000 रुपये के करेंसी नोटों की बात कही गई है, लेकिन 200 और 2000 रुपये के नोटों के संबंध में इसमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है. सरकार और आरबीआई ने इनके एक्सचेंज पर लागू होने वाले प्रावधानों में कोई फेर-बदल ही नहीं किया है.

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कानून में जल्द बदलाव की जरूरत

बैंकरों का कहना है कि वर्तमान में 200 और 2,000 रुपये के नोटों की नई सीरीज में विकृत या कटे-फटे या गंदे नोटों के चंद मामले सामने आए हैं. अगर क़ानून में जल्द ही संशोधन नहीं किया गया तो आगे जाकर यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. वहीं, केंद्रीय बैंक का दावा है कि वह 2017 में क़ानून में संशोधन की जरूरत के बारे में वित्त मंत्रालय को पत्र लिख चुका है. परंतु  इस बातचीत से सीधा सरोकार रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उस पत्र पर अब तक सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है.

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आरबीआई अधिनियम की धारा 28 में बदलाव जरूरी

बदलाव विशेष तौर पर क़ानून की धारा 28 में किया जाना है, जिसका संबंध चोरी हुए, खो गए या विकृत और अशुद्ध नोटों की बरामदगी से है. वहीं, आरबीआई ने स्वीकार किया है कि नोटों की नई सीरीज की बैंकों में अभी अदला-बदली नहीं की जा सकती है. आरबीआई ने कहा, ‘महात्मा गांधी के नई सीरीज के नोटों के आकार में बदलाव के कारण इस सीरीज के कटे-फटे या अशुद्ध नोटों की अदला-बदली मौजूदा नियम आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स, 2009 के तहत नहीं की जा सकती. आधिकारिक गजट में संशोधन की सूचना जारी होने के बाद ही इस सीरीज के कटे-फटे नोट बदले जा सकेंगे. वहीं वित्त मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सरकार जरूरी बदलावों पर विचार करेगी. उन्होंने कहा, ‘जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा.लेकिन कब तक, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया. बता दें कि 2,000 रुपये के नोट की सीरीज 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के बाद जारी की गई थी. जबकि 200 रुपये का नोट अगस्त 2017 में जारी हुआ है. फिलहाल, करीब 6.70 लाख करोड़ मूल्य के 2,000 रुपये के नोट देश में सर्कुलेशन में हैं. वहीं अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई भी बंद कर दी है.

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