ताजा हुई निर्भया कांड की याद, कठुआ-उन्नाव केस के विरोध में इंडिया गेट पर राहुल गांधी के नेतृत्व में कैंडल मार्च

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 04/13/2018 - 10:17

NewDelhi:  कठुआ रेप व मर्डर और उन्नाव गैंगरेप केस को लेकर पूरे देश में उबाल है.  लोगों के मन में आक्रोश है और बेटियों की सुरक्षा के लिए चिंता भी. एक ओर जहां घटना से लोग आहत हैं, वही पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह से सवालों के घेरे में हैं. इन सबके बीच राहुल गांधी ने पीड़ितों के लिए इंसाफ की मांग करते हुए गुरुवार आधी रात को इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला. मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राहुल गांधी इंडिया गेट पहुंचे. इस दौरान प्रियंका गांधी, उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटी भी साथ थी. साथ ही कांग्रेस के कई नेता मार्च में शामिल हुए. रेप की घटनाओं के विरोध में दिल्ली के मानसिंह रोड से इंडिया गेट के बीच निकाले गए इस कैंडल मार्च में दूर-दूर से लोग जमा हुए और इंसाफ की मांग बुलंद की. इंडिया गेट का नजारा ठीक वैसा ही था, जैसा 2012 में निर्भया केस के दौरान था. वहीं निर्भया के माता-पिता भी इस कैंडिल मार्च में शरीक होने वहां आए थे.

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इंसाफ की मांग, मोदी पर निशाना

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कठुआ-उन्नाव केस के विरोध में प्रदर्शन

उन्नाव और कठुआ के रेप केस राहुल गांधी ने सख्त कार्रवाई की मांग की और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सिस्टम की असंवेदनशीलता पर जमकर निशाना साधा. राहुल गांधी ने उन्नाव केस में बीजेपी सरकार को असंवेदनशील कहा तो पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए.राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि इन घटनाओं पर लाखों भारतीयों की तरह मेरा दिल भी दुखी हुआ है. हम महिलाओं को इस हाल में नहीं छोड़ सकते. आइए शांति और इंसाफ के लिए इंडिया गेट पर कैंडल मार्च में हिस्सा लें. राहुल की इस अपील पर आधी रात को इंडिया गेट पर युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान जब पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं को रोकने की कोशिश की तो प्रियंका गांधी राजपथ की सड़क पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं. वही मार्च कवर करने पहुंची मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में महिलाओं को असुरक्षा का माहौल देखने को मिल रहा है. मोदी सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ काम शुरू करने होंगे. राहुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं, यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय समस्या है.

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मार्च के दौरान प्रियंका से धक्का-मुक्की

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कैंडल मार्च में शामिल प्रियंका गांधी

राहुल गांधी द्वारा इंडिया गेट पर बुलाए गए कैंडल मार्च के दौरान प्रियंका गांधी को भीड़ का सामना करना पड़ा. मार्च के दौरान प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की की, जिसके बाद प्रियंका ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को खरीखोटी सुनाई. दरअसल मार्च के दौरान प्रियंका को चारों तरफ से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घेर लिया था और भीड़ के कारण वो बाहर नहीं निकल पा रहीं थीं. धक्का-मुक्की के दौरान वे डर गईं. इस दौरान उनकी बेटी भी भीड़ में फंस गईं थी और डरकर रोने लग गई थी, जिसके बाद प्रियंका बैरीकेड को धक्का देते हुए आगे बढ़ीं और अपनी बेटी को चुप कराकर गले लगाया और भीड़ से बाहर निकाला. राहुल गांधी को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा. इसके बाद एसपीजी ने राहुल को कुछ देर के लिए गाड़ी में बैठा लिया. हालांकि, इसके बाद राहुल बाहर आए और वहां मौजूद लोगों से बातचीत की.

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इंडिया गेट पर आधी रात हुए इस मार्च में शामिल लोगों ने मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की. साथ ही उन्होंने उन्नाव और कठुआ में बलात्कार के मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की.  इंडिया गेट पर इतनी भीड़ दिखी कि 2012 में हुए निर्भया कांड की भी याद ताजा हो गई. उस वक्‍त भी इंडिया गेट पर इसी तरह से लोग इकट्ठा हुए थे. हालांकि, 5 साल पहले सत्‍ता में कांग्रेस थी और अब सत्‍ता में बीजेपी है. मार्च में शामिल लोगों में सरकार के खिलाफ रोष दिखा. लोगों ने कहा था कि, बीजेपी अगर बेटी बचाओ का नारा देती है तो उसे इस नारे को निभाना भी चाहिए.

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