मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: NIA जज रविंद्र रेड्डी का इस्तीफा हाईकोर्ट ने किया नामंजूर

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 04/19/2018 - 14:05

NewDelhi: हैदराबाद में हुए मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में फैसला सुनाने वाले जज रविंद्र रेड्डी का इस्तीफा नामंजूर हो गया है. जज रेड्डी के इस्तीफे को हैदराबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने नामंजूर कर दिया है. साथ ही उनकी 15 दिनों की छुट्टी की मांग भी रद्द कर दी गई है. बता दें कि 16 अप्रैल को एनआईए के जज रेड्डी ने 11 साल पुराने मक्का ब्लास्ट केस में फैसला सुनाते हुए स्वामी असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था. लेकिन फैसला सुनाने के कुछ घंटों के अंदर एनआईए कोर्ट के जज रविंद्र रेड्डी ने सभी को चौंकाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. और वह इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चले गए. लेकिन गुरुवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जज रेड्डी के इस्तीफे को नामंजूर करते हुए उनकी 15 दिन की छुट्टी की मांग भी रद्द कर दी.

इसे भी पढ़ें: मक्का मस्जिद धमाके के आरोपी असीमानंद समेत 5 आरोपियों को बरी करने वाले जज रवींद्र रेड्डी का इस्‍तीफा

इस्तीफा ने सबको चौंकाया

हालांकि, फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों में जज रेड्डी ने इस्तीफा क्यों दिया था, इसका खुलासा नहीं हो पाया था. मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया था और इसके बाद वह लंबी छुट्टी पर भी चले गए. लेकिन उनके इस्तीफे के बारे में तमाम कयास लगाए जा रहे थे. बता दें कि जज रविंद्र रेड्डी दो महीनों में रिटायर होने वाले थे. वह तेलंगाना जूनियर जज एसोसिएशन के अध्यक्ष थे. रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल पहले उन्हें नियुक्ति के मामले में राजभवन के सामने धरना देने के लिए सस्पेंड भी किया गया था. गौरतलब है कि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए इसे रहस्यपूर्ण करार दिया था. 

इसे भी पढ़ें:मक्का मस्जिद विस्फोट केस: 11 साल बाद आया फैसला, स्वामी असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी

गौरतलब है कि 2007 में हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में हुए ब्लास्ट मामले में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए धमाके के मामले में NIA की विशेष कोर्ट ने मामले में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया है. करीब 11 साल पहले 18 मई 2007 को हुए इस धमाके में करीब 9 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 58 लोग घायल हुए थे. पिछले 11 साल में इस मामले में कई तरह के नाटकीय मोड़ आए. कई गवाह अपने बयान से पलटे जिसके कारण गुरुवार को ये फैसला आया है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलोभी कर सकते हैं.

top story (position)