जज लोया के भाई समेत कई लोगों को शक- 'अनुज लोया ने दबाव में दिया बयान'

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 01/15/2018 - 21:17

News Wing Desk : जज लोया के पुत्र अनुज लोया द्वारा प्रेस कांफ्रेंस किये जाने के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच उनके चाचा ने अनुज के बयान के पीछे संदेह जाहिर की है. ‘द वायर’ न्यूज़ पोर्टल पर जज लोया के भाई के हवाले से एक बयान चल रही है, जिसमें उन्होंने शंका जाहिर की है कि संभवतः अनुज ने किसी दबाव में आकर यह प्रेस कांफ्रेंस किया हो.

बता दें कि जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत संदिग्धपरिस्थितियों में हुई थी. उस वक़्त वे सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई कर रहे थे. इसके बाद जज लोया की मौत पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे. रविवार को उनके बेटे अनुज ने मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को उनके पिता की मौत पर कोई संदेह नहीं है और वो चाहते हैं कि उनके परिवार को परेशान न किया जाए.

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क्या लिखा है ‘द वायर’ ने

इस प्रेस वार्ता के बाद 'द कारवां' से बात करते हुए जज लोया के चाचा श्रीनिवास लोया ने कहा कि अनुज अभी बहुत छोटाहै और उस पर दबाव हो सकता है. अनुज की प्रेस से हुई बात के हवाले से श्रीनिवास लोया ने कहा कि उसने खुद बताया कि वो दबाव में है. श्रीनिवास ने यह भी कहा कि जज लोया की मौत की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप मुझसे एक रिश्तेदार नहीं बल्कि एक नागरिक के बतौर पूछें तो मैं कहूंगा कि कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जांच के लिए शुरू हुई सुनवाई चलनी चाहिए.

जब उनसे पूछा गया कि अनुज लोया पर किस तरह का दबाव हो सकता है, तब उन्होंने कहा, ‘उसके (अनुज के) दादा 85 बरस के हैं. उसकी मां हैं, एक बहन है, जिसकी शादी होनी है. दबाव की यही वजहें हो सकती हैं.’ श्रीनिवास लातूर में रहते हैं और उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते कि इस समय जज लोया का परिवार कहां रह रहा है. ज्ञात हो कि लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में हुई थी, जिसकी वजह दिल का दौरा पड़ना बताया गया था. वे नागपुर अपनी सहयोगी जज स्वप्ना जोशी की बेटी की शादी में गए हुए थे.

बीते नवंबर में द कारवां पत्रिका में जज लोया की बहन और पिता के हवाले से छपी एक रिपोर्ट में उनकी मौत से संबंधित संदिग्ध परिस्थितियों पर सवाल उठाया गया था. जज लोया की बहन अनुराधा बियानी ने कहा था कि उनके भाई से मनचाहा फैसला देने के लिए उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहित शाह द्वारा 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया था. रविवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अनुज लोया से मीडिया में आये उनके एक पत्र और जज लोया की बहन के संदेह के बारे में पूछने पर जवाब दिया गया था कि अब परिवार को कोई शक नहीं है. जब उन्होंने वह पत्र लिखा था, तब वे भावनात्मक रूप से परेशान थे.

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जज लोया के दोस्त और वरिष्ठ वकील बलवंत जाधव ने भी दबाव होने की बात कही

श्रीनिवास लोया के साथ ही जज लोया के दोस्त और वरिष्ठ वकील बलवंत जाधव ने भी जज लोया के परिवार पर राजनीतिक दबाव होने की बात कही. उन्होंने द कारवां से बात करते हुए कहा, ‘मैं सालों से इस परिवार को जानता हूं. उन्हें अमित शाह को बचाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाकर चुप करा दिया गया है.’ मालूम हो कि सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी आरोपी थे, जिन्हें जज लोया की मौत के बाद सुनवाई कर रहे जज एमबी गोसावी द्वारा बरी कर दिया गया था.

बलवंत का कहना है कि न केवल जज लोया की मौत बल्कि दिसंबर 2014 तक की सभी घटनाओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए. उन्होंने जज लोया के परिवार की चुप्पी पर आश्चर्य जताते हुए कहा, ‘ये डराने वाली बात है कि जिस परिवार को जज लोया की मौत के बारे में शुबहे थे, वे इस बात के प्रेस में आने के बाद चुप हो गए हैं.’ ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार 12 जनवरी को जज लोया की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु को गंभीर मामलाबताते हुए महाराष्ट्र सरकार को उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

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