सांसद पप्पू यादव-रंजीत रंजन के बेटे सार्थक का बिना मैच खेले दिल्ली की टी-20 टीम में चयन

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 01/08/2018 - 19:38

New Delhi : बिहार के विवादास्पद सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन को मौजूदा सत्र में एक भी मैच नहीं खेलने के बावजूद दिल्ली की टी20 टीम में चुना गया है. वहीं अंडर 23 में शीर्ष स्कोरर रहे हितेन दलाल को रिजर्व खिलाड़ियों में ही जगह मिल पाई. पप्पू यादव का आधिकारिक नाम राजेश रंजन है और वह पूर्व में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े रहे. वह मधेपुरा से सांसद हैं. उन्होंने अब अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी बना ली है जबकि उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस सांसद हैं.

इसे भी पढ़ें : सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से जीती एशेज सीरीज, इंग्लैंड पारी और 123 रनों से हारा

चयन समिति ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की अनदेखी की

अतुल वासन, हरि गिडवानी और रोबिन सिंह जूनियर की तीन सदस्यीय चयन समिति की इस चयन के लिए आलोचना  रही है. अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों की अनदेखी कर प्रभावशाली व्यक्ति के बेटे को चुनने का आरोप लग रहा है. पिछली बार भी मुश्ताक अली टूर्नामेंट में सार्थक का चयन विवादास्पद रहा था. उसने टीम की ओर से तीन मैचों में पांच, तीन और दो रन की पारियों के साथ कुल 10 रन ही बनाये थे. सत्र की शुरुआत में सार्थक को रणजी ट्राफी के संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह दी गई थी लेकिन वह इससे हट गये थे.

सार्थक रंजन पहले अवसाद से ग्रसित था

Pappu Yadav, Ranjita Ranjan
MP Pappu Yadav with wife Congress MP Ranjita Ranjan

इस तरह की विरोधाभाषी खबरें थी कि सार्थक ने खेल में रुचि खो दी है और बॉडी बिल्डिंग (मिस्टर इंडिया प्रतियोगिता की तैयारी के लिए) से जुड़ रहे हैं. अचानक सत्र के अंत में सार्थक की मां रंजीत रंजन ने डीडीसीए प्रशासक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विक्रमजीत सेन को ईमेल भेजकर कहा कि उनका बेटा पहले अवसाद से ग्रसित था. अब खेलने के लिए फिट हैं. न्यायमूर्ति सेन ने इस पत्र को नियमों के अनुसार चयनकर्ताओं के पास भेज दिया क्योंकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में था. अचानक बिना कोई मैच खेलने सार्थक को सीके नायडू ट्राफी में खेल रही दिल्ली की अंडर 23 टीम में स्टैंडबाई की सूची में डाल दिया गया.

बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद हितेन स्टैंडबाई में

जब वासन से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘सार्थक की मानसिक हालत को लेकर कोई मुद्दा था. उसके फिट होने के बाद मैंने निजी तौर पर उस पर नजर रखी और उसको स्टैंडबाई में रखा. क्योंकि दिल्ली अंडर 23 टीम काफी अच्छा खेल रही थी.’’ हालांकि इससे काफी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि दिल्ली के अंडर 23 राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद उसके शीर्ष स्कोर हितेन की अनदेखी की गई और बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें स्टैंडबाई में रखा गया.

इसे भी पढ़ें : धोनी की अनुपस्थिति में वरुण आरोन को मिली झारखंड की कमान

top story (position)
7ocean

 

international public school

 

TOP STORY

भूमि अधिग्रहण पर आजसू का झामुमो पर बड़ा हमला, मांगा पांच सवालों का जवाब

सूचना आयोग में अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी सुनवाई, मोबाइल ऐप से पेश कर सकते हैं दस्तावेज

झारखंड को उद्योगपतियों के हाथों में गिरवी रखने की कोशिश है संशोधित बिल  :  हेमंत सोरेन

जम्मू-कश्मीर : रविवार से आतंकियों व अलगाववादियों के खिलाफ शुरु हो सकता है बड़ा अभियान

उरीमारी रोजगार कमिटी की दबंगई, महिला के साथ की मारपीट व छेड़खानी, पांच हजार नगद भी ले गए

विपक्ष सहित छोटे राजनीतिक दलों को समाप्त करना चाहती है केंद्र सरकार : आप

बॉडी गार्ड की चाहत में जिप अध्यक्ष ने खुद पर करवायी फायरिंग, पकड़े गए अपराधियों ने किया खुलासा

गोड्डा मॉब लिंचिंग : सांसद निशिकांत ने कहा प्रशासन ने सही किया या गलत पता नहीं, लेकिन केस लड़ने के लिए आरोपियों की करेंगे मदद

समय पर बिजली बिल नहीं मिला तो लगेगा 420 वोल्ट का झटका, जेबीवीएनएल को नहीं कोई फिकर

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर मानवाधिकार परिषद लेगी फैसला : यूएन 

शुजात बुखारी को उनके पैतृक गांव में दफनाया गया, जनाजा में बड़ी संख्या में उमड़ी थी भीड़