चारा घोटालाः जब वकीलों ने की सजा में नरमी की अपील, तब कोर्ट ने कहाः बहादुरी या वीरता का कोई पुरस्कार या सर्टिफिकेट है तो जमा करें

Submitted by NEWSWING on Sat, 01/06/2018 - 21:09

जब कोर्ट ने कहाः दोषियों के लिए ओपन जेल सबसे अच्छी है, इन्हें गाय पालने का तजुर्बा है

Chandi Dutta Jha

Ranchi: देश के चर्चित घटनाओं में अब चारा घोटाला की सुनवाई का भी जिक्र हो रहा है. सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगहों पर इस बारे बातें हो रही हैं. जाहिर है वजह लालू प्रसाद यादव हैं. उनकी बेबाकी, उनके बात करने का तरीका और उसपर सुनवाई कर रहे सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह का जवाब अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं. हालांकि सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, फिर भी लालू के चाहने वालों का हुजूम कोर्ट में देखने लायक था. वहीं कहीं ना कहीं लोगों के जेहन में यह सवाल भी उठ रहे थे कि क्या कोर्ट में जो हो रहा है वो होना चाहिए?  मामला न्यायालय से जुड़ा हुआ है इसलिए किसी भी तरह की टिप्पणी देने, या अखबारों में लिखने से सभी बच रहे हैं. आखिर कोर्ट में हो क्या रहा था? उससे जुड़ी कुछ बातों को आपके सामने इस आर्टिकल के जरिए रखने की कोशिश हो रही है.

06 जनवरी को कोर्ट ने टिप्पणी की कि चारा घोटाले के दोषियों के लिए ओपन जोल सबसे अच्छी है. इन्हें गाय पालने का तजुर्बा है. वहीं लालू यादव समेत सभी दोषियों के वकील ने कोर्ट से क्लाइंट्स के बीमार और बूढ़े होने की दलीलें देते हुए सजा में नरमी की अपील की थी. पूर्व विधायक आरके राणा के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट की उम्र 72 साल है, उन्हें डायबिटीज है. घर में पत्नी के अलावा कोई नहीं है.  इस पर कोर्ट ने कहा कि बहादुरी या वीरता का कोई पुरस्कार मिला हो, सर्टिफिकेट है, तो उसे जमा करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी लोग बीमारी के आधार पर सजा कम करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल सर्टिफिकेट कोई नहीं दे रहा.

इसे भी पढ़ेंः कैसे मैंने लालू प्रसाद यादव और चारा घोटाले का पर्दाफाश किया : अमित खरे

जब जज ने लालू से कहाः आपके शुभचिंतकों ने दूर-दूर से फोन किया  (कोर्ट में जज और लालू की बातचीत के कुछ अंश)

जजः लालू से 'मुझे आपके शुभचिंतकों ने दूर-दूर से फोन किया. मैं उनसे कह देता हूं कि मुझे भी नहीं पता कि केस में क्या फैसला आएगा.

लालूः सब जगदीश शर्मा ने रफा-दफा किया, मैं इस मामले में निर्दोष हूं.

जजः आपने त्वरित कार्रवाई नहीं की. मामले को लटका कर रखा. आप वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री थे.

लालूः अवमानना का नोटिस रद्द उसे ड्राप किया जाये.

जजः सब लोगों ने बदजुबानी की है. 23 जनवरी को जबाब आने के बाद ही कुछ होगा.

लालूः हुजूर जेल में ठंड लगती है.

जजः हारमोनियम बजाईये दूसरे कैदी को भी प्रेरणा मिलेगी.

कोर्टः हम सर्वे-सर्वा नहीं हैं, यहां कोई जात-पात नहीं होता.

लालूः अब तो इंटरकास्ट मैरिज भी होती है.

लालूः हम वकील भी हैं

जजः आप डिग्री ले लीजिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होनी थी सुनवाई, किसी ने अफवाह फैलाया कि कोर्ट आ गये लालू

5 जनवरी को मामले की सुनवाई वीडियो काफ्रेंसिग से होना था, लेकिन कोर्ट में अपवाहों का बाजार गरम रहा. किसी ने यह खबर फैला दी की लालू कोर्ट में पहुंचे हुए हैं, जबकि सबको पता था कि सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए होना है. ऐसे में बिहार से आये नेता पशोपेश में थे. अपने नेता को देखने के लिए बेताब नजर आ रहे थे. हर कोई अपने अपने स्तर से जानकारी में जुटे थे. तभी राजद नेता रधुवंश प्रसाद सिंह कोर्ट परिसर में आते है. सभी समर्थक उनके पास जमा हो जाते है. तब जाके सबको पता चलता है कि लालू प्रसाद कोर्ट नही आए है. सुनवाई वीडियो काफ्रेंसिंग से किया जाएगा. 

इसे भी पढ़ेंः चारा घोटाला मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा, 5 लाख जुर्माना

अफवाहों का बाजार रहा गर्म, कोर्ट ने भेजा न्यूज चैनलों को नोटिस

23 दिसम्बर 2017 को चारा घोटाला मामले में सजा की झूठी का बाजार गरम रहा. इस अफवाह के कारण कोर्ट ने दो न्यूज चैनलों को नोटिस तक जारी कर दिया. वहीं सोशल मीडिया में भी अफवाह फैलती रही. गौरतलब है कि 23 दिसम्बर को कोर्ट में सुषमा बड़ाईक मामले की भी सुनवाई चल रही थी. उसी कोर्ट में राजद अध्यक्ष लालू यादव की भी सुनवाई थी. इसी बीच लगभग साढ़े तीन बजे के आसपास अपवाह उड़ने लगा कि लालू यादव बरी हो गए है. लालू समर्थकों में इस खबर से खुशी का ठिकाना नही रहा. यह सूचना कोर्ट परिसर में तुरंत फैल गयी. किसी ने सोशल मीडिया पर भी अफवाह फैला दिया. पांच मिनट पांच मिनट बाद ही लालू समर्थकों की खुशी मायूसी में बदल गयी, क्योंकि तबतक सूचना आ चुकी थी की लालू को बरी नही किया गया है. इसके बाद किसी ने सूचना दिया कि बरी जो हुए हैं वो लालू यादव नहीं बल्कि आईपीएस अधिकारी पीएस नटराजन हैं. लालू की सजा पर 3 जनवरी को फैसला आयेगा.

शुक्रवार को भी पांच आरोपी की ही हुई सुनवाई

गुरूवार 5 जनवरी को एक वकील ने पत्रकारों के सामने कहा कि सभी आरोपी के सजा के बिंदू पर सुनवाई हो चुकी है शनिवार को सजा का ऐलान किया जाएगा. कई लोगों को इस बात पर भरोसा नही हुआ सब अपने अपने स्तर से पता लगाने लगे. एक पत्रकार ने कंर्फम करने के लिए जज से पूछ लिया तब पता चला कि शुक्रवार को भी 5 आरोपी की ही सुनवाई की गई, कुल कुल 16 आरोपी में बुधवार को 5 आरोपी की सुनवाई की गई थी. गुरूवार को 5 आरोपी की सुनवाई की गई थी. बाकि 6 आरोपियों की सजा की सुनवाई शनिवार को हुई.

 न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Special Category
Main Top Slide
City List of Jharkhand
loading...
Loading...