सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर माकपा अन्य दलों के संपर्क में : येचुरी

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 01/23/2018 - 20:50

New Delhi : माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के खिलाफ संसद के बजट सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर अन्य विपक्षी दलों के साथ विचार विर्मर्श चल रहा है. येचुरी ने आज कहा कि माकपा अन्य विपक्षी दलों के साथ सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर विचार विमर्श कर रही है. हाल ही में उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा न्यायमूर्ति मिश्रा पर महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई अपनी पसंद के कनिष्ठ न्यायाधीशों को सौंपने का आरोप लगाये जाने के संदर्भ में येचुरी ने कहा कि माकपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों ने इस मामले में जांच कराने की मांग की थी.

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चारों जजों ने व्यवस्थागत खामियों को उठाया

पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान येचुरी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में चारों न्यायाधीशों ने व्यवस्थागत खामियों से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाये हैं. संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो रहा है. नौ फरवरी तक चलने वाले बजट सत्र के पहले चरण में एक फरवरी को वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया जायेगा. सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से छह अप्रैल तक चलेगा.

बता दें कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था कि जजों के द्वारा प्रेस कॉन्फेंस किया गया और आंतरिक विवाद को मीडिया के सामने लाने का फैसला लिया था. इस प्रेस कॉन्फेंस में चारों जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को घेरे में लिया था. इस कॉन्फेंस के किये जाने के बाद सुलह की कोशिशें भी हुई  थीं. प्रेस कांफ्रेंस करने वाले जजों के खिलाफ भी आवाज उठाई गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह चार वरिष्ठतम जजों द्वारा प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ मुखरता से आवाज उठाने की घटना का संज्ञान लेने से इंकार कर दिया था. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष वकील आर पी लूथरा ने यह मामला उठाया था. पीठ ने इन न्यायाधीशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक वकील का अनुरोध ठुकरा दिया था.