विधानसभा में दिये भाषण से विवादों में आये केरल के राज्यपाल, नहीं पढ़ी मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 01/23/2018 - 12:06

New Delhi: केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम ने सोमवार (22 जनवरी, 2017) को बजट सत्र के पहले दिन सयुंक्त सदन को संबोधित किया. संबोधन के दौरान उन्होंने अपने लिखित भाषण में मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी नहीं पढ़ी.बात तब सामने आयी जब राज्यपाल के 89 मिनट के भाषण के बाद इसकी कॉपियां बांटी गईं.

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राज्यपाल ने अपनी विवेकाधीन शक्तियों का इस्तेमाल कियाः भाजपा

लिखित भाषण में मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी नहीं पढने की बात पर सत्तापक्ष ने राज्यपाल पर केंद्र सरकार को खुश करने की कोशिश करनेका आरोप लगाया. जबकि विपक्षी दल कांग्रेस ने भी राज्पाल केऐसा करने से उनपर निशाना साधा. वहीं मामले मेंभाजपा का कहना है कि राज्यपाल नेअपने विवेकाधीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ऐसा किया. जो कि सही है.

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विजयन सरकार ‘पूरी तरह विफल हो गईः नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला

विधानसभा में अपना संबोधन भाषण पढ़ने के लिए राज्य पाल जैसे ही खड़े हुए नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला खड़े हो गश्े और उन्होंने कहा कि वह बोलना चाहते हैं चेन्निथला ने जोर देते हुए कहा कि विजयन सरकार ‘पूरी तरह विफल हो गई है.’ उन्होंनेकहा, ‘सरकार कानून व्यवस्था को संभालने, खाद्य पदार्थाे का मूल्य बढ़ने से रोकने और चक्रवाती तूफान ओखी के बाद की स्थितियों को संभालने समेत सभी तरह से हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है.’

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केरल में मानव विकास सूचकांक सबसे ज्यादाः सदाशिवम

जनसत्ता में छपी खबर के अनुसार सरकार पर चेन्निथला के आरोपों का दौर खत्म होने के बाद  सदाशिवम ने अपना भाषण शुरू किया और कहा कि पिछले कुछ वर्षो में केरल के खिलाफ कई सोशल और औपचारिक मीडिया अभियान हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘देश में बेहतरीन कानून व व्यवस्था वाले इस राज्य के खिलाफ कुछ संप्रादायिक ताकतों ने फर्जी आधार पर पूरे भारत में एक माह तक अभियान चलाया.’ राज्यपाल ने जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने केरल को देश का एकमात्र ऐसा राज्य घोषित किया है, जहां मानव विकास सूचकांक सबसे ज्यादा है. पिछले एक साल के दौरान राज्य के धर्मनिरपेक्ष परंपराओं पर गहरा आघात किया गया है.

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