एक बरमूडा ट्रायंगल अंतरिक्ष में भी है

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/19/2018 - 16:59

NW DESK :  अटलांटिक महासागर में बरमूडा ट्रायंगल का रहस्‍‍य  बना  हुुआ है. यह अटलांटिक महासागर में वह इलाक़ा है, जहां बहुत से विमान रहस्यमयी तरीक़े से ग़ायब हो जाते हैं.    वैज्ञानिक सदियोंं   से  इस राज़ को सुलझाने की कोशिश  कर रहे है.  उधर  वैज्ञानिकों  के अनुसार अंतरिक्ष में भी एक इलाक़ा ऐसा है, जो बरमूडा कहा जाता है. उस इलाक़े से गुज़रने पर भी अंतरिक्षयात्रियों को अजीबो-ग़रीब तजुर्बे होते हैं. उस इलाक़े से गुज़रते समय  अंतरिक्षयानों के सिस्टम और कंप्यूटरों में ख़राबी आ जाती है. अंतरिक्षयात्रियों को भयंकर चमक दिखाई देती है. इस संबंंध  में  नासा  के एस्ट्रोनॉट रहे टेरी वर्ट्स  कहते  हैं कि उन्हें अपने पहले ही स्पेस मिशन में इसका तजुर्बा हुआ था. वो सोने ही जा रहे थे कि आंखों में भयंकर सफ़ेद किरणों से आंखें चकाचौंध हो गयी. टेरी बताते हैं कि अंतरिक्षयात्री बनने से पहले ही उन्होंने इसके बारे में पढ़ा था. वो यह जानते थे कि स्पेस में ऐसा इलाक़ा है, जिसे अंतरिक्ष का बरमूडा कहा जाता है. अपने दोनों ही स्पेस मिशन में टेरी वर्ट्स को इसका तजुर्बा हुआ, जोकि परेशान करने वाला था. 

 

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  अंतरिक्ष यह  बरमूडा ट्रायंगल दक्षिण अटलांटिक महासागर और ब्राज़ील के ठीक ऊपर के आसमान में है. इस इलाक़े से जब अंतरिक्षयान या स्पेस स्टेशन गुज़रते हैं, तो कंप्यूटर रेडिएशन के शिकार हो जाते हैं. अंतरिक्षयात्रियों की आंखें सफ़ेदी से चकाचौंध हो जाती हैं. इसकी वैज्ञानिक वजह है. सूरज से हमेशा ही भयंकर और जलाने वाली किरणे निकलती हैं. इनमें इलेक्ट्रॉन होते हैं और विकिरण यानी रेडिएशन भी होता है. जब ये विकिरण सूरज की राेशनी के साथ हमारी धरती के क़रीब पहुंचता है, तो धरती के ऊपर स्थित एक परत जिसको वैन एलेन बेल्ट कहते हैं, वो विकिरण को हमारी धरती पर आने से रोकती है. जब सूरज से आने वाला ये रेडिएशन, धरती की वैन एलेन बेल्ट से टकराता है, तो ये अंतरिक्ष में फैल जाता है. अब हमारी रक्षा करने वाली ये वैन एलेन बेल्ट धरती के ऊपर एक बराबर नहीं है. वजह ये कि धरती ही गोल नहीं. ये ध्रुवों पर चपटी है. वहीं बीच में थोड़ी ज़्यादा मोटी है. अंतरिक्ष यात्री स्पेस के इस बरमूडा को साउथ अटलांटिक एनोमली कहते हैं. आम तौर पर अंतरिक्ष में उस इलाक़े से गुज़रने वाले अंतरिक्ष यान और स्पेस स्टेशन जल्द से जल्द उसके पार निकल जाने की कोशिश करते हैं. लेकिन, आज बहुत सी निजी कंपनियां भी स्पेस मिशन भेजने में जुटी हैं. इनमें सवार होकर बहुत से लोग अंतरिक्ष की सैर के लिए जायंगे. ऐसे में हमें इस एसएए यानी अंतरिक्ष के बरमूडा ट्रायंगल से ज़्यादा सावधान होने की   आवश्‍‍‍यकता है.  

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