6630 टीडीएस वाले जहरीले पानी का इस्‍तेमाल करते हैं रांची के 200 परिवार

Submitted by NEWSWING on Sat, 01/06/2018 - 19:41

Pravin Kumar/Subhash Shekhar

Ranchi : किसी के घर में पानी की समस्‍या एक दिन के लिए भी हो जाती है तो लोगों के लिए दिन गुजारना मुश्किल हो जाता है, लेकिन किसी इलाके में पिछले 6 सालों से पीने लायक पानी तो दूर हाथ धोने के लायक भी पानी नहीं हो तो आप क्‍या कहेंगे. रांची के पंडरा इलाके के फ्रेंड्स कॉलोनी के लोगों की समस्‍या यही है. इस इलाके में कहीं कोई सप्‍लाई वाटर की व्‍यवस्‍था नहीं है और जो भी बोरिंग या कुएं से पानी निकल रहा है वह वाकई में बहुत जहरीला है. कुछ दिनों पहले कुछ घरों के पानी की जांच कराई गई तो उसमें टीडीएस का लेबल 6630 पाया गया, जबकि आम तौर पर टीडीएस 400 से अधिक होने पर लोग अलर्ट हो जाते हैं. जांच रिपोर्ट में पानी का हार्डनेस सात गुणा ज्‍यादा 4520 और नाइट्रेट 94.3 पाया गया.

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खाना बनाने और पीने के लिए पानी खरीदते हैं लोग

यहां के लोग पीने और खाना बनाने के लिए खरीदे हुए पानी का इस्‍तेमाल करते हैं. नहाने और हाथ मुंह धोने के लिए इसी पानी का इस्‍मेमाल होता है. इससे यहां के लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है. यहां के लोग त्‍वचा संबंधी बीमारी और कम उम्र में जोड़ों के दर्द से ग्रस्‍त हो रहे हैं. फ्रेंड्स कालोनी में रहने वाली गृहणी विद्या सिन्हा का कहना है कि हमारे कालोनी का पानी बहुत ही खराब है. यहां का पानी मुंह में डालने लायक नहीं है. पानी में तीखापन है. कोई पी ले तो गैस हो जाता है. हमलोग पीयें तो तबीयत खराब होना तय है.

जहरीले पानी की जद में 200 परिवार

फ्रेंड्स कॉलोनी की रेणुका जयसवाल ने बताया कि दूषित पानी के प्रभाव में करीब 200 परिवार हैं. यहां की समस्‍या के बारे में स्‍थानीय विधायक नवीन जयसवाल और सीएम के जन संवाद कार्यक्रम तक पहुंचाया गया है, लेकिन समस्‍या जस के तस बनी हुई है. यहां के लोग रोजमर्रा के इस्‍तेमाल के लिए मंहगे दामों में पानी खरीदने को मजबूर हैं.

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कैसे बना पानी जहरीला

पंडरा के इटकी रोड में एक बारूद फैक्‍ट्री है. इसमें 6 महीना पहले तक बारूद में इस्‍मेमाल होने वाली इमलकम पदार्थ तैयार किया जाता था. इमलकम बनाने के लिए अमोनियम नाइट्रेट के साथ कई दूसरे खतरनाक रसायनों का मिश्रण प्रोसेस किया जाता था. इस फैक्‍ट्री में रोजाना 12-18 टन इमलकम तैयार किये जाते थे. इस दौरान बड़ी मात्रा में खतरनाक तरल पदार्थ अवशेष के तौर पर निकलता था. इसका बेहद खतरनाक प्रभाव वहां के पेड़-पौधों पर पड़ा, साथ ही भूमिगत जल बुरी तरह दूषित हो गया.

फैक्ट्री संचालक की दलील

इस फैक्‍ट्री के संचालक सुबोध कुमार प्रसाद ने सफाई पेश करते हुए कहा है कि हमारी फैक्‍ट्री के कारण पानी दूषित नहीं हुई है. दरअसल फ्रेंड्स कॉलोनी में पक्‍की नालियां नहीं है, इस वजह से ग्राउंड वाटर दूषित हो सकती है. वैसे हमने फैक्‍ट्री को छह महीना पहले ही बंद कर दिया है.

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